चंदौली : दोपहर बारह बजे तक लॉकडाउन बेअसर, गंगा घाटों पर भी भीड़
वैश्विक स्तर पर कोरोना की महामारी के बाद 21 दिन तक लॉक डाउन का आदेश है। लेकिन चंदौली में दोपहर 12 बजे लॉकडाउन का असर देखने को नहीं मिला। सड़क से लेकर बाजार तक लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। यहां तक कि गंगा घाटों पर भी भीड़ दिखाई दी। लोग दोपहर 12 बजे तक सब्जी, राशन व अन्य जरूरी सामानों के दुकानों को खुलने की छूट का नाजायज फायदा भी उठा रहे हैं। शहर के बाजार में बुधवार को बेकाबू भीड़ को देखते हुए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी। एएसपी प्रेमचंद व सीओ कुंवर प्रताप सिंह ने एक घंटे पहले ही 11 बजे तक दुकानें बंद करा दी। पुलिस को सब्जी मंडी में मजबूरन विक्रेताओं पर हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
चंदौली जिले में भले ही अभी तक एक भी कोरोना संक्रमित पाज़िटिव मरीज नहीं मिला है। लेकिन विदेशों और गैर प्रांतों से बड़ी तादाद में घर लौट लोगों से भी जिले में खतरा मंडराने लगा है। जिले में मात्र एक दिन 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देखने को मिला था। उसके दूसरे दिन ही जनता बेखौफ घरों से बाहर निकलने लगी।
यहां तक कि 25 मार्च से 21 दिन तक लागू लॉक डाउन का भी दोपहर 12 बजे तक असर देखने को नहीं मिल रहा है। डीएम नवनीत सिंह चहल व एसपी हेमंत कुटियाल का कहना है कि लोगों से बार-बार घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की जा रही है। इसके बाद भी कोई अनावश्यक घरों से बाहर निकला तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर बंद फिर भी घरों से बाहर निकलने श्रद्धालु
कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते-बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी धार्मिक स्थल बंद हैं। इसके बाद भी वासंतिक नवरात्र के पहले दिन मंगलवार की सुबह व्रती महिलाएं हाथों में पूजा की थाली लेकर घरों से बाहर निकल गई। कई महिलाओं ने बंद देवी मंदिरों के बाहर गेट पर ही पूजा पाठ की। पुलिस को महिलाओं को समझा-बुझाकर घर पर ही पूजा पाठ करने की अपील की। उधर, पश्चिमी वाहिनी बलुआ गंगा घाट पर भी श्रद्धालुओं के स्नान करने की होड़ मची रही।
बाजार में कालाबाजारी शुरू
शासन प्रशासन की ओर से लगातार जरुरत के सामानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर नहीं बेचने की अपील की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी व्यापारियों की ओर से कालाबाजारी शुरू कर दी गई है। सब्जी मंडी में रोजाना की तरह बिकने वाली सब्जियों की कीमत दोगुनी हो गई। आलू जहां पहले 80 रुपये में 5 किलो मिलती थी, वहीं आलू मंगलवार को 200 रुपये में 5 किलो के भाव से बेचा गया। प्याज की कीमत भी 30 रुपये प्रतिकिलो की जगह 50 रुपये के भाव से बेचा गया। इसके अलावा अन्य सब्जी व फल की कीमत में मनमाने ढंग से अप्रत्याशित वृद्धि कर दी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई जा रही है।